हे आदि शक्ति हे जगजननी

             क्यों रक्षा हेतु नहीं आती

पापी जन बढते जाते

      निस दिन बेटियाँ छलीं जाती

वसुधा पर पाप बढें प्रतिपल

         निस दिन गायें काटी जातीं

हर घर में कलह मची रहती

                  माएँ भूँखी सो जाती

हे आदि शक्ति हे जगजननी

    क्यों काली बन चली नहीं आती

पापी जन बढते जाते

       निस दिन बेटियाँ छली  जाती

     देव की ?से