आसान नहीं है यहाँ ,मन की व्याथा छुपाना आदतन नही मजबूरन है मेरा मुस्कुराना ||   न मुस्कुराते तो दुनिया, हजारों सवाल करती मुस्कुराहट की पनाह में है ,दर्द-ए-दिल छुपाना||   था जिसपे बहुत भरोसा ,खंजर उसी ने मारा किस किस का नाम लूं ,रहा दुस्मन मेरा जमाना ||   हर शख्स ने किया, जी भर के इस्तेमाल मेरा दुस्मन हजार रखना, मतलबी दोस्त न बनाना ||   हो बिखरे हुए भले ही,खुद को कमजोर न दिखाना टूटा हुआ देखकर तुम्हे, सतायेगा खूब ये जमाना||