बैरन ज़िदगी ले आयी किस मोड पर देखते ही देखते तमाशाई हो गए हैं. दूसरों को नीचा दिखाने की ज़द्दोज़हद़ और अपयश कमाने में यूँ खो गए हैं . हर रोज मासूम हैवानियत का शिकार होते देखते देखते हम इंसान से हैवान हो गए हैं.