आदमी होकर आदमी से बैर रखता है
भू पर खड़ा हो नही पाता आसमां पर पैर रखता है ||
बहुत अजीब है कुदरत का बनाया नमूना
इंसान ही इंसानियत को बाजा़र करता है ||
शब्दों में बयां कर नही सकता इसके कारनामें
स्वार्थ की खातिर अपना भगवान भी बदलता है ||
बिक जाता है यहां अब तो ईमान भी
पैसे की खातिर भाई भाई का खून करता है ||
बूढ़े माँ बाप को वृद्धाश्रम में छोड़कर
इंसान ने तरक्की कर ली, क्या बकवास करता है ||