तुम दिखाते रहो नीचा एक दूसरे को उनकी खातिर,
तुम्हारे लड़ने – झगड़ने से ही तो राजनीति चलती है।
वो सक्षम हैं, सुविधा संपन्न हैं, उनका काम चलता है,
लड़ने झगड़ने वाली जनता, रोटी के लिए मचलती है।
©️देवकरण गंडास


तुम दिखाते रहो नीचा एक दूसरे को उनकी खातिर,
तुम्हारे लड़ने – झगड़ने से ही तो राजनीति चलती है।
वो सक्षम हैं, सुविधा संपन्न हैं, उनका काम चलता है,
लड़ने झगड़ने वाली जनता, रोटी के लिए मचलती है।
©️देवकरण गंडास