इश्क तूने किया तो तू ही जलेगा पतंगे,
वो दीया तो बस अपना काम करता है।
खुद की रजा से मुकर्रर किया अंजाम
क्यों बेचारे दीए को बदनाम करता है।
गलती तेरी थी तो बेवफा वो कैसे हुई
तू भी इश्क में ये कैसे पयाम करता है।
अब बढ़ चल आगे मुड़कर के ना देख
क्या इश्क मुसाफ़िर कयाम करता है।
*पयाम : संदेश
*कयाम : विश्राम
©️देवकरण गंडास


