अब फिर राम राज्य की बारी है, इंसानियत पे उधारी है, आरक्षण नही गवारा है, हर जाति यहाँ हमारा है, मै राम हुँ, अनाथो का नाम हुँ, मै कोई भगवान नही ,तुम्हारे जैसा एक सादा इंसान हुँ, कुकर्म से डरना तो होगा ही , अब फिर राम को धरती पर उतरना तो होगा ही, कटघरो की जमीन पे फिर राम घसीटे जाऐंगे, हिन्दू मुस्लिम के चक्कर मे बहुत खुन बह जाऐंगे, बलात्कार की बातो को सुन, राम तो दहल से जाऐंगे, क्या भगवान होके भी ,उस लडकी की इज़्ज़त दिला पाऐंगे, है बात बहुत गम्भीर ,अब बस सच्चो की महामारी है, इन कुकर्मो को मिटाने की ,अब अपनी भी तैयारी है, अब फिर राम राज्य की बारी है, अब फिर राम राज्य की बारी है ।