हर बार जो झंकार मिले,सोना चांदी संसार मिले,पर मिले ना बड़ा राजयोग में,ऐसा कोई परिवार मिले,हर आंधी को ललकार मिले,जब जले ज्वाला राष्ट्र भूमि पर,राजनीति को किशोर हर बार मिले।