अक्सर मिलते हैं हम
इन कविताओं में
दो पंक्तियों के बीच टहलते हुए
शब्दों के बगीचों से
चुनते हैं, अक्षरों के पुष्प
महक उठती हैं यह
एक तुम्हारे होने मात्र से!
कविता गवाह बनती हैं
हमारे साथ की
हमारे साझे अस्तित्व
और इस जीवन की
आख़िर कविताएं सिर्फ
कविताएं तो नहीं होती!


