Poetry 1 min read 778K reads

tu mere saamne rahe


तू मेरे सामने रहे और मैं मुसकुराऊ नहींये कैसे हो सकता है, तुम्हे परेशान करने का बसयही एक तरीका है साथ रहूँ भी और दिखाई भी ना दू ।।

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