पल पल में हँसता हूँ
हर गम में मैं रोता हूं
शाम सवेरे बस तुमसे लडता हूं
हर रात ये सोच के मैं हँसता हूँ
बार बार तुम मुझे समझाती हो
मैं हर बार मजाक समझता हूं
तुम मेरे साथ नहीं रहोगी
इस बात से मैं डरता हूं
पल पल में हँसता हूँ
हर गम में मैं रोता हूं
बात बात पे गुस्सा हो जाता हूं
पर एक हंसते हुए चेहरे पे
हर बार मोम सा पिघल जाता हूँ। ।


