मैं भी क्या अनोखा हूँपानी पे पानी से लिखना चाहता हूँआग को आग से बुझाना चाहता हूँमैं खुद ही खुद को मशहूर करना चाहता हूँ ।
मैं भी क्या अनोखा हूँपानी पे पानी से लिखना चाहता हूँ
आग को आग से बुझाना चाहता हूँमैं खुद ही खुद को मशहूर करना चाहता हूँ ।