जाने कब खत्म होगी दस्ताने तिश्नगी

जिंदगी का बोझ अब और नही उठाया जाता।


सब कुछ ठीक है कहीं कोई तकलीफ नही

ये झूठ हमसे अब और नही सुनाया जाता।


मत करो कुछ जतन भरम और बढ़ जाएगा

एक आइने को यूं आइना नही दिखाया जाता।


मैं अकेला नहीं मुझमें शामिल हैं और कई

सोचकर जिंदगी से दामन नही छुड़ाया जाता।


'विनीत' नजरिया गलत है तरीका सही नही

साथ ऐसे जिंदगी का नही निभाया जाता।