ना जाने क्यों हैपर हैबेवजह अनायासतेरी इक तस्वीर मेरे पासजबकि मैं और तुमकभी मिले नही हैं!ये इत्तेफाक़ हैया कुदरत की कोई चाल हैजो मिट्टी हवा आब खुशबूधूप चाँद रात हैपर गुल मोहब्बत के अभी तकखिले नहीं है।
ना जाने क्यों हैपर हैबेवजह अनायासतेरी इक तस्वीर मेरे पासजबकि मैं और तुमकभी मिले नही हैं!
ये इत्तेफाक़ हैया कुदरत की कोई चाल हैजो मिट्टी हवा आब खुशबूधूप चाँद रात हैपर गुल मोहब्बत के अभी तकखिले नहीं है।