Poetry 1 min read 574.1K reads

शेर


वासना है सत्य कोरी और सब छलछन्द है ,क्या दिखा तुमको भला इसके सिवा संसार में ?

एक नागिन का डसा उतरा नहीं है विष अभीइसलिए भी हम नहीं पड़ते दोबारा प्यार में ।

— Devendra babu
Read more Earn more Learn more