Poetry 1 min read 606.2K reads

शे'र


कहने से दुःख कम होता है माना परकिससे कहना है यह कैसे जानू मैं!

सबसे गहरे ज़ख्म उसी से मिलते हैं,जिसको थोड़ा सा भी अपना मानू मैं।

— Devendra babu
Read more Earn more Learn more