Poetry 1 min read 188K reads

तुम भीड़ हो,


नेता,अभिनेता,व्यापारी,अधिकारी,सब जानते है,तुम भीड़ हो,क्या सोचती हो ?क्या चाहती हो ?क्या कर सकती हो,वादों पे मरती हो,बहुत कम सोचती हो,एक सहारा चाहती हो,बहुत भोली भाली हो,भावनाएं तुम्हारी कमजोरी है,

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