तू गहरी रात सा

तुझी में समाया मैं

गहरी नींद सा

तू गहरी झील सा

तुझी में समाया मैं

मलिन नील सा

तू गहरी नींद सा

तुझी में समाया मैं

रंगीन ख्वाब सा

तू गहरी स्वाश सा

तुझी में समाया मैं

चित शांत सा

तू मंत्र राम सा

तुझी में खोया मैं

गहरे ध्यान सा

तू बहता निर्मल नीर

तुझी में तैरता मै

मीन सा