एक माँ है,यह उसने स्वीकारा है,एक पत्नी है,यह उसने स्वीकारा है,एक वधू है घर की,यह उसने स्वीकारा है?मगर उसका एक सपना है,उसे किसने स्वीकारा है?सबको देकर आलम्बन,खड़ी है वह,अपने स्व को अकेले थामे,खड़ी है वह।
एक माँ है,यह उसने स्वीकारा है,एक पत्नी है,यह उसने स्वीकारा है,एक वधू है घर की,यह उसने स्वीकारा है?मगर उसका एक सपना है,उसे किसने स्वीकारा है?
सबको देकर आलम्बन,खड़ी है वह,अपने स्व को अकेले थामे,खड़ी है वह।