लुट ले तूं , देश तेरा ही तो है ,
किससे डर , सत्ता तेरी ही तो है,
लिख इतिहास अपना बेजोड़
कलम तेरी न सही, हाथ तेरे न सही
किताबें तेरी न सही, स्याही है तेरी
लेखक तेरे है, सत्ता तेरी ही तो है
बना कोई ईश्वर तूं अपना भी
थक जाती है कभी सत्ता भी
लिख कोई किताब तूं भी
बना कोई धर्म तूं भी
ये काम तेरा ही तो है
सत्ता तेरी ही तो है,
