कुछ मज़दूर गायब हो गए,

किसी का बेटा था मज़दूर,

किसी का पति था मज़दूर,

किसी का भाई था मज़दूर,

किसी का दोस्त था मज़दूर।


आर्थिक विकास का पहिया,

एक गलती कर गए मज़दूर,

महंगाई से त्रस्त थे मज़दूर,

पेट के हाथों थे मज़बूर,

अपना हक़ माँगने लगे मज़दूर।


फिर सड़क पर जो उतरे,

गायब हो गए मज़दूर।

पुलिस ठीक कहती है,

उनके पास नहीं हैं मज़दूर।

गायब नहीं हुए कुछ मज़दूर,

पूँजीवाद निगल गया

कुछ मज़दूर।