खुदा करे अब कोई दोस्त न बने

न बने जिन्दगी पर, जान पर न बने


छिप सके खंजर कोई, आस्तीन न बने

न बने कोई रकीब, दोस्त ऐसा न बने


पूरी कर दे हर मुराद, खुदा ऐसा न बने

न हो जहनुम जहाँ, जन्नत वहां न बने


न टूटे बार बार, रिश्ता ऐसा कोई न बने

पत्थर की दुनिया, फूल के दिल न बने


न गिरे जो गिराए, दिवार एसी न बने

हो चार दिवारी ऊँची, ऐसा घर न बने



न हो सुबह जिसकी, रात एसी न बने

न हो खुदा जिसका, दुनिया एसी न बने