हो सकते हो तुम सनातन

कर सकते हो तुम सनातन से प्रेम

समझ सकते हो तुम अर्थ

क्या है सनातन ?

वह जो है सब

वह जिसमे समाया है सब

है ओतप्रोत जिसमे सब

न मिटता है जो कभी

मिटा क्या है यहाँ कभी

है जो निरंतर परिवर्तन शील

वह जो समय से परे

सूर्य, चन्द्र , सितारे

पृथ्वी, नक्शत्र सारे

क्या शाश्वत सारे?

पेड़ , पानी , पत्थर

माटी, कौन है समय से परे

सनातन कौन है ?

देव मानव सभी को घेरे

समय के पहरे

कौन है समय के परे

वह जो सनातन है

कौन है ?

स्वेतकेतु , गार्गी , जनक

याग्वल्क्य, अस्त्वक्र

किसे खोजते ?

किसे पाते ?

कौन है सनातन ?