काश में कोई खुदा मेरा भी होता
मंदिरों मस्जिदों में जाना होता
काश सबका मालिक एक होता
नाम उसके कत्लो गारत न होता
काश जिन्दा कोई तो इंसान होता
मौत पे किसी की यूँ न मातम होता
काश शहर तेरा जल गया होता
हवा में धुएं का ये गुबार न होता
हुकूमत पे तेरा इतना एतबार न होता
मुश्किलों का जिंदगी पर भार न होता
