कहते रहो बस,
किसी की सुनना मत,
धीरे धीरे,
उन्हें सुनने की आदत,
सी हो जाएगी।
कहते कहते
तुम थकना नहीं,
मगर किसी की सुनना नहीं,
धीरे धीरे
तुम्हारी बातें
भजन सी संगीत मय सी
उनके कानों में बजेगी।
कहते जाना तुम,
तुम रुकना नहीं,
धीरे धीरे,
तुम्हारें शब्द मन्त्र से,
उनके मन में,
स्थिर हो जायेंगे।
तुम जब भी दिखना,
हर पल नया सा दिखना,
कहते कहते
तुम कपडे बदलते रहना
कहते रहना,
दिखते रहना है।
एक दिन तुम्हारा सपना
पूरा हो जयेगा,
तुम में उन्हें,
ईश्वर सा दिखेगा।
