तुम्हारी आँखों की लालिमाके उस पार कुछ कालेगिंध ताकते हैमांसल देह को नोचनेके अवसर की ताक मेंकुछ भेडिये हर रोजतुम्हारे दिल केपिंजरों से कूक भरते हैतेरी दुनिया जानवरों की हैयहाँ इसानों के शिकारहोते है