तू भी देगा दगा , हालात तेरे , जानता हूँ मैं
रहेगा वक्त कब तक साथ मेरे जानता हूँ मैं
नज़र जिस ओर उठाएगा लोग तेरा साथ ही देंगे
जमाना है तेरा , दीवानों को तेरे , जानता हूँ मैं
न खुश तेरे बिना तेरे दिवाने कब न रहेंगे
जहन में है येतेरे दिल में क्या ते रे जानता हूँ मैं
तू जाने है हुनर जीने का ज माना है क्या तिरे आगे
उतरते है गहरे कितने तीर तेरे जानता हूँ मैं
हुसन के दम दुनिया को वश में कब तक रखोगे तुम
चलेंगे और कहाँ तक तीर तेरे जानता हूँ मैं
