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इश्क है जो खुदा है


है मोहब्बत हर किसी की खातिर दिल में ,तो समझना मिला है खुदा किसी जन्म में,

खुदा कैद कहाँ किताबों, चार दीवारों में,बस, फैला है जो बनके इश्क सारे जहाँ में,

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