बारूद के ढेर पर खड़ा
एक देशभक्त
युरेनियम के ढेर पर खड़ा
एक देशभक्त
मरती हुई धरती के सांसों
के आगे खड़ा
एक देशभक्त
एक देश बनाने का सपना
देखता है
एक देशभक्त
कितना और जियेगा
एक देशभक्त
पूंजीपतियों की गोद
में सोई राजनीती
गरीब होता देश
आमिर होते लोग
क्या क्या देखेगा
एक देशभक्त
