आपके वादे का क्या हुआ
खाली था वक्त क्या हुआ
सिवाए मेरे भी है दुनिया
दुनिया में मैं न हुआ क्या हुआ
था क़भी महफ़िल की रौनक
मैं भी जो अब न हुआ क्या हुआ
पी गया मयख़ाना सारा
न पीया कोई ग़म क्या हुआ
रुक भी जाऊं मैं महफ़िल में
था जो वक्त मेरा क्या हुआ
आपके वादे का क्या हुआ
खाली था वक्त क्या हुआ
सिवाए मेरे भी है दुनिया
दुनिया में मैं न हुआ क्या हुआ
था क़भी महफ़िल की रौनक
मैं भी जो अब न हुआ क्या हुआ
पी गया मयख़ाना सारा
न पीया कोई ग़म क्या हुआ
रुक भी जाऊं मैं महफ़िल में
था जो वक्त मेरा क्या हुआ