आपके वादे का क्या हुआ

खाली था वक्त क्या हुआ


सिवाए मेरे भी है दुनिया

दुनिया में मैं न हुआ क्या हुआ


था क़भी महफ़िल की रौनक

मैं भी जो अब न हुआ क्या हुआ


पी गया मयख़ाना सारा

न पीया कोई ग़म क्या हुआ


रुक भी जाऊं मैं महफ़िल में

था जो वक्त मेरा क्या हुआ