मछलियां वर्षों से
मारी जाती हैं,
भूख मिटाने के लिए।
पानी घर है उनका,
रहने के लिए।
मगर तुम्हारे शहर
को बसाने के लिए,
बरबाद कर दिए
घर जो बने थे
मछलियों के लिए।
मछलियां मिटा
सकती थीं तुम्हारी
भूख।
मगर तुमने अपनी
हवस का जहर
घोल दिया पानी में।
कसूर क्या था
मछलियों का?