
प्यार की हो रीत प्यार सब के उर में हो,
जिंदगी के साज में संगीत प्यार हो।
हिन्दू नहीं मुस्लिम नहीं सिक्ख न इसाई,
जाती एक प्यार की हो धर्म प्यार हो।
झील है ये आँखें इनमे डूबने तो दो,
अपनी दिल की बस्ती का पता तो हमको दो।
बेचैन ह
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