Poetry 1 min read 621.1K reads

आंखें


तू चांद है तो मैं एक बादल हु.रात के काजल में कहीं गुम होजाऊंगा.तेरी खिड़की में टिमटिमा नहीं सका.पर तुझे देख कर ज़रूर मुस्कुराऊंगा.

अब दिन जो सुलझा.सूरज की बाहों मैं उलझा.वो वक्त बीत भी चुका है.और मैं अभ भी बेकरार हु.

Read more Earn more Learn more