अश्क उसके बहे और समुंदर में तूफान आ गया,

इस तबाही का मुझ पर इल्ज़ाम आ गया।


कोई और लोग हैं इस खेल को समझने वाले,

मैं तो मोहरा हूं कभी छः तो कभी चार आ गया।


एक वक्त वो भीड़ में से पहचान लेता था मुझे,

आज एक वक्त है जब भीड़ में मिरा नाम आ गया।


मैं तो तैयार था दरिया-ए-उम्र मे तेरे साथ बहने को,

चला कुछ दूर ही था कि अचानक मोड़ आ गया।


गर वक्त की तर्ज़ पर ही होना था फैसला मोहब्बत का,

तो क्या फर्क पड़ता है मुझसे पहले कौन आ गया।


जब मिली ख़बर स्टेशन पर उसके आने की,

लेने उसे ये मुझ से पहले कोई कौन आ गया।


जब हुआ ज़िक्र उसके चाहने वालों का एकरोज,

है शिकायत इस फ़ेहरिस्त में मिरा भी नाम आ गया।