मिट्टी के पुतले है,
मिट्टी मेँ मील जायेंगे |
कुछ ख्वाहिशे मुकम्मल होंगी,
तो कुछ ख्वाब बिखर जायेंगे |
ये मकान तो किराये के है,
आज नहीं तो कल
ये बदल ही जाएंगे |
देव...