कौन कहता हैतन्हाई सिर्फदर्द देती है।ज्यादातर येमन को बेहदसुकून देती है।गैरों को तोसिर्फ मतलबसे ही मतलब है।ये तन्हाई ही हैजो खुद सेखुद को मिलनेका वक़्त देती है।