1 min read 797.8K reads

शायरी


" शायरी "

आज भी "तुर्बत" में मेरा दिल "धड़क" रहा है !आने की "उम्मीद" पल-पल में "तड़फ" रहा है !!कैसे आज "तन्हाई" दिल में "मकाम" कर गयी!तेरा "साथ" न होना आज भी "कसक" रहा है !!

@Dev_Ek_Shayar

Read more Earn more Learn more