" शायरी "
आज भी "तुर्बत" में मेरा दिल "धड़क" रहा है !
आने की "उम्मीद" पल-पल में "तड़फ" रहा है !!
कैसे आज "तन्हाई" दिल में "मकाम" कर गयी!
तेरा "साथ" न होना आज भी "कसक" रहा है !!
@Dev_Ek_Shayar


" शायरी "
आज भी "तुर्बत" में मेरा दिल "धड़क" रहा है !
आने की "उम्मीद" पल-पल में "तड़फ" रहा है !!
कैसे आज "तन्हाई" दिल में "मकाम" कर गयी!
तेरा "साथ" न होना आज भी "कसक" रहा है !!
@Dev_Ek_Shayar