दिल है तो हमारा मगर हकदार अलग है !
इश्क में मिला जो दर्द इस बार अलग है !!
देते हैं तसल्ली तमाम शख्स शब-ए-गम में !
मगर उनकी आवाज का असर यार अलग है !!
अरे देखने को तो मैं रोज देखता हूँ चाँद !
मगर पूनम के चाँद का दीदार अलग है !!
गुनाह इश्क करने का हम कर तो सकते हैं!
यार देखने वाले वो शख्स चार अलग हैं !!
"देव" बिक जाती हैं ज़िन्दगी चंद सिक्कों में !
आजकल मौत का भी तो बाजार अलग है !!
@Dev_Ek_Shayar
