वैसे तो होती है ये बातें बहुत छोटी,
पर पास आकर एक बड़ी तनहाई छोड़ जाती है |
ये वही तो है जो आती है पल-भर के लिए ,
पर जीवन में रंग सारे बिखेर देती है |
और समेट लेती है जब खुद को कभी ,
फिर शवेत प्रकाश सी पारदर्शी हो जाती है |
ये वही तो है जो तुझे-मुझमें कहीं जिन्दा रखती है |
