खुदा जानता है, तुम झूठे खुमार में हो

जीते हुए लगते हो, मगर हार में हो

कब तक दुसरों को हिदायतें दोगे सच्चाई की,

पहले खुद सच की दवा लो, तुम झूठ के बुखार में हो

-दीपशिखा