पेड़ की डाली पर बैठी मैना बोली, कब आओगे मेरे प्राणप्रिये।। नैना बरसे दिल भी तरसे, चेहरा मुझे दिखाओ , मेरे प्राणप्रिये।। कितने सावन बीत गए, बिन तेरे हम भीग गए।। चाँद बनकर आओ, या तारों में टिमटीमाओ,, कोई मीठी तान सुनाओ, मेरे प्राणप्रिये।।।। नींद नही मुझको आती, बेचैनी सी हरदम छाती, मुझको लोरी गाकर सुनाओ, मेरे सपनों में आ जाओ ,मेरे प्राणप्रिये।।।