तेरी यादों को लिहाफ बना रखा है
संभाल जिसे मैंने 
दिल के तैखाने में छिपा रखा है
ओढ़ लेता हूं, निकाल उसे दिल से 
जब भी आती है तेरी याद
आज उसे मैंने अपने सिरहाने से लगा रक्खा है।