एक रोज़ हमने हिम्मत करके फिर से उनहे खत लिखा। 
वो खत जिसे पड़ने को वो कभी तरसते थे, 
वो खत जिसे पड़े बिना उन्हें कभी नींद न आती, 
वो खत जिसमें लिखा हर एक लफ्ज़ उनके दिल के बेहद करीब था, 
आज अब वही खत कागज़ का एक तुकड़ा बनकर रह गया था, 
जिस कारण मेरा ये खत और प्यार दोनों अधूरा ही रह गया।।