अभी कुछ लोग हैं
जो खुद को कवि कह रहे हैं
अभी कुछ लोग हैं
जो कवि होने के प्रमाण के लिए - लिख रहे हैं,
अभी कुछ लोग हैं
जो घर का बरामदा, चौखट लिख रहे हैं
दूध का दाम औ' बढ़ता किराया लिख रहे हैं
महीने के राशन का खर्चा लिख रहे हैं
अभी कुछ लोग हैं
जो अपनी संतान को समय से पैसे न भेज पाने का माफीनामा लिख रहे हैं
दवाई का खर्चा, मुँह का छाला और जांघ का फोड़ा लिख रहे हैं
अभी कुछ लोग हैं
जो माँ को पहले एक स्त्री
पत्नि को पहले एक औरत
प्रेयसी को एक उंमुक्त पंक्षी लिख रहे हैं
अभी कुछ लोग हैं
जो नंगे राजा को नंगा लिख रहे हैं
औ' वह कविताऐँ लिख रहे हैं।