वक्त ब़ेवक्त हँसाने वाले दोस्त

कहा गए? वो पुराने वाले दोस्त

खो-खो, कब्बड़ी,क्रिकेट से लेकर गिल्ली-ड़डे के जमाने वाले दोस्त

गली- कूचे से स्कूल,कॉलेज तक साथ निभाने वाले दोस्त

बहुत याद आते हेै वो पुराने वाले दोस्त


समोसे,चाट और चाय की टपरी पर जमखड़ लगाने वाले दोस्त

वो खुशियो के खजाने वाले दोस्त

मेरे हर अपसाने मे किरदार निभाने वालेे दोस्त

कहां गए? वो पुराने वाले दोस्त


वक्त बदला, जिन्दगी बदल गई

तुम क्यो बदल गए ,कहते थे हम ना बदल जाने वाले दोस्त

रहते तो है एक ही शहर मे,पर अब मिलते नही

वो रूम से भगाने पर भी, ना जाने वाले दोस्त

कितने बदल गए ये, कमाने वाले दोस्त

कहां गए?वो पुराने वाले दोस्त


बचपन से जवानी तक के,हर कांड मे अहम भूमिका निभाने वाले दोस्त

फिर क्यो बदल गए,न बदल जाने वाले दोस्त

इतनी बेरूखी किस बात की,हमसे नजर चुराने वाले दोस्त

तर्रक्की मुबारक हो तुझे,कमाने वाले दोस्त


न उम्मीदी के चक्रव्यूह मे,अभिमन्यु बन उम्मीद जगाने वाले दोस्त

हम क्या कर सकते है ,हिम्मत दिलाने वाले दोस्त, आईना दिखाने वाले दोस्त

हर सफर मे हरदम साथ निभाने वाले दोस्त

वापस लौट आ अब, बन पुराने वाले दोस्त

~दीपक पाटकार