ऐ वंदना है हिन्दुस्तान के
शहीदों के शहादत की
आजादी के दिवानो की
जिनकी बचपना जल कर
जवानी हो गई
जिनके बदन का पानी
भी खून हो गया
जो देशभक्ति के भजन
में झूमते-झूमते
फांसी के फंदे को चूम गए
ऐ वंदना है ऐसे वीर संतानों की
ऐ वंदना है हिन्दुस्तान के
शहीदों के शहादत की
जिनके हम कर्जदार हर जन्म है
जिनके कानों में बजते थे
हर वक्त जय गान वतन के
जो मोहब्बत करते थे
सिर्फ इस चमन से
ऐ वंदना है ऐसे वीर संतानों की
ऐ वंदना है हिन्दुस्तान के
शहीदों के शहादत की
जिनके नारों में था
इनकलाब की आवाज
जो सिर्फ करते थे
इस हिन्द का गुणगान
जिनका हर जन्म,हर कतरा
हर साँस वतन के नाम था
जिनका ध्वज सिर्फ ये तिरंगा था
उनकी बदन तो क्या
आत्मा भी हिन्दुस्तान थी
जिन्होंने हिन्दू,मूसलमा कुछ नहीं जाना
सिर्फ हिन्दुस्तानी बन के उम्र गुजारा था
ऐ वंदना है ऐसे वीर संतानों की
ऐ वंदना है हिन्दुस्तान के
शहीदों के शहादत की
जो मौत से ऐसे मिले
जैसे प्रेमीका से मिल रहे हो
जिनकी निडरता से डर भी डर जाता था
दुश्मन तो क्या उसकी
रूह तक काँप जाती थी
ऐ वंदना है ऐसे वीर संतानों की
ऐ वंदना है हिन्दुस्तान के
शहीदों के शहादत की
आजादी के दिवानो की
तुम चाहे गीता,कुरान मत पढ़ना
पर शहीदों को पढ़ लेना
अगर बनना है सच्चा हिन्दुस्तानी
तो रोज इनकी वंदना करना