मन में ये द्वेष क्यों हैजीवन में जो शेष हैवो ही विशेष क्यों हैऔर एक दिन हम सबको एहसास होगा किहम जिन चीजों के लिए भाग रहे थेवो इतनी जरूरी भी नहीं थीदीपक (बेख्याली)