विजय दशमी मना ली है,
 विजय उत्सव की बारी है 
आ रहे हैं, नीली जर्सी धारी
 नीलकंठ के जो चेले हैं,
खेल को खेल बना देंगे
 मेलबॉर्न में भी तिरंगा लहरा देंगे
 ये नील नहीं सहज मिला
घूट सब्र का बहुत पीया.....


दीपक (बेख्याली)