मैं लाऊंगी पूजा की थाली
तुम आना हाथ खाली
आओ मिले मंदिर में ऐसे
भक्त मिले प्रभु से जैसे
तुम भी अपना हाथ बढ़ाना
साथ मिल कर दिया जलाना
मेरे माथे पर तुम्हारा चंदन लगाना
मजबूर कर देगा मुझे
तुमसे नजर ना मिला पाना
मेरे पास नहीं बचा कोई बहाना
मैं रह गई तुम में शेष
ना अब कोई चाहत
ना अब कोई द्वेष
आओ मिले मंदिर में ऐसे
बाती मिले दिया में जैसे
मैं लाऊंगी पूजा की थाली
तुम आना हाथ खाली
कुंआ से बाल्टी को खींचते हुए
रस्सी को तुम्हारा सहारा देना
मेरे जीवन की डोरी बनाना
कच्चे धागों से ना रिश्ते बून्ना
दीपक (बेख्याली)

