मैंने वो किस्से भी पढ़े हैजिनसे हो जाए इश्क से नफ़रतलेकिन जब तुम सामने आते होतो भूल जाती हूं सारे तर्क- वितर्कदीपक (बेख्याली)
मैंने वो किस्से भी पढ़े है
जिनसे हो जाए इश्क से नफ़रत
लेकिन जब तुम सामने आते हो
तो भूल जाती हूं सारे तर्क- वितर्क
दीपक (बेख्याली)