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किस्से


मैंने वो किस्से भी पढ़े है

जिनसे हो जाए इश्क से नफ़रत

लेकिन जब तुम सामने आते हो

तो भूल जाती हूं सारे तर्क- वितर्क

दीपक (बेख्याली)

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